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"YEH! HAI ZINDGI:
- माना सूरज अँधेरे में खो गया है……
- पर रात अभी हुई नहीं, यह तो प्रभात की बेला है
- तेरे संग है उम्मीदें, किसने कहा तू अकेला है
- तू खुद अपना विहान बन, तू खुद अपना विधान बन…
- सत्य की जीत हीं तेरा लक्ष्य हो
- अपने मन का धीरज, तू कभी न खो
- रण छोड़ने वाले होते हैं कायर
- तू तो परमवीर है, तू युद्ध कर – तू युद्ध कर……
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